Oral Health Library · 9 min read · हिन्दी
गाल के अंदर गांठ है? जानें इसकी वजह और कब डॉक्टर को दिखाएं
गाल के अंदर गांठ गाल कटने, रगड़ लगने, लार की ग्रंथि में रुकावट, इन्फेक्शन या टिशू यानी शरीर के ऊतक की बढ़ोतरी से हो सकती है। इनमें से कई कारण कैंसर नहीं होते, लेकिन सिर्फ देखकर कारण पक्का नहीं किया जा सकता। डेंटिस्ट के पास जाकर जांच कराएं, खासकर अगर गांठ बढ़ रही हो, उससे खून आए, वह सख्त लगे या सुन्नपन हो।
Written and medically reviewed by
Dr. Bipin R. Upadhyay
BDS · MDS Oral Medicine & Radiology · PhD Scholar · Associate Professor & Head, Department of Dentistry
Last clinically reviewed: 2026-10-07
Key points
- गाल में गांठ रगड़, लार की ग्रंथि की समस्या, इन्फेक्शन या टिशू की बढ़ोतरी से हो सकती है।
- सिर्फ दिखावट और दर्द से यह तय नहीं होता कि गांठ नुकसानरहित है।
- नई, बिना साफ कारण की, बनी रहने वाली या बदलती गांठ की डॉक्टर के पास जाकर जांच कराएं।
- सुन्नपन, बिना साफ वजह खून आना, दो हफ्ते से ज्यादा समय तक ठीक न होने वाला अल्सर, या मुंह खोलने या निगलने में परेशानी खतरे के संकेत हैं।
- गांठ को दबाएं या छेदें नहीं। ट्रीटमेंट जांच से पक्के हुए कारण पर निर्भर करता है।
गाल के अंदर गांठ कैसी दिखती या महसूस होती है?
गाल के अंदर की नरम परत में उभरा हुआ हिस्सा या सूजन गांठ जैसा लग सकता है। यह छोटे दाने, नरम बुलबुले या मोटे हिस्से जैसा महसूस हो सकता है। किसी को यह खाते समय पता चलता है, तो किसी को जीभ लगने पर।
गांठ में दर्द नहीं भी हो सकता है, या छूने पर दर्द हो सकता है। इसका रंग आसपास की परत जैसा, सफेद, लाल या नीला-सा हो सकता है। रंग और छूने पर कैसा लगता है, इससे कुछ संकेत मिलते हैं, लेकिन सिर्फ इनसे कारण तय नहीं होता।
दोनों गालों के अंदर, ऊपर के पीछे वाले दांतों के पास एक छोटा उभार सामान्य तौर पर भी होता है। यह लार की नली का मुंह होता है। यह छोटी नली लार को मुंह तक लाती है। डेंटिस्ट बता सकते हैं कि यह सामान्य बनावट है या नई सूजन।
- ध्यान रखें कि गांठ पहली बार कब दिखी और क्या उसमें बदलाव हो रहा है।
- देखें कि क्या यह उस लाइन पर है जहां ऊपर और नीचे के दांत मिलते हैं।
- खाने, गाल कटने या दांत के दर्द से इसका कोई संबंध हो, तो डॉक्टर को बताएं।
क्या गाल कटने या खुरदरे दांत से गांठ हो सकती है?
हां। गलती से गाल कटने पर सूजन या खून भरा छोटा छाला हो सकता है। नुकीले दांत, टूटी फिलिंग, नकली दांत के किनारे या दांतों पर लगे किसी उपकरण की बार-बार रगड़ से भी गाल की अंदरूनी परत में जलन और चोट हो सकती है।
लंबे समय तक रगड़ लगने से इरिटेशन फाइब्रोमा बन सकता है। यह आम तौर पर कैंसर नहीं होता। इसमें चोट के निशान जैसे सख्त टिशू की गांठ बनती है। यह अक्सर चिकनी और बिना दर्द की होती है। यह वहां हो सकती है जहां गाल दांतों से लगता है।
बार-बार रगड़ से बनी गांठ, रगड़ का कारण ठीक होने के बाद भी रह सकती है। अगर यह बनी रहे, बार-बार चोट लगे या इसका कारण साफ न हो, तो डेंटिस्ट इसे निकालकर लैब में जांच कराने की सलाह दे सकते हैं।
यह न मानें कि नुकीले दांत के पास की हर गांठ नुकसानरहित है। रगड़ के साथ कोई दूसरी समस्या भी हो सकती है। बनी रहने वाली, बढ़ती हुई या असामान्य गांठ की डॉक्टर के पास जाकर जांच जरूरी है।
क्या लार की ग्रंथि की समस्या से गाल में गांठ हो सकती है?
गाल की अंदरूनी परत के नीचे लार बनाने वाली छोटी ग्रंथियां होती हैं। किसी छोटी ग्रंथि या उसकी नली में चोट लगने पर लार परत के नीचे जमा हो सकती है। इससे म्यूकोसील बन सकता है। म्यूकोसील का मतलब है फंसी हुई या रिसी हुई लार से बनी नरम सूजन।
म्यूकोसील पारदर्शी, नीला-सा या आसपास की परत के रंग जैसा हो सकता है। यह अपने आप छोटा हो सकता है, दोबारा भर सकता है या फूट सकता है। ऐसी सूजन निचले होंठ के अंदर ज्यादा होती है, लेकिन गाल समेत दूसरी जगहों पर भी हो सकती है।
लार की बड़ी नली में रुकावट से खाने के आसपास के समय में तकलीफ या सूजन हो सकती है। कभी गाल या कान के सामने का हिस्सा भी सूजता है। इन्फेक्शन या लार की ग्रंथि की दूसरी समस्याओं से भी ऐसे लक्षण हो सकते हैं।
अगर सूजन लार जमा होने से बनी लग रही हो, तो उसे दबाएं, काटें या छेदें नहीं। बार-बार लौटने वाली गांठ की जांच जरूरी है, भले ही पानी जैसा तरल निकलने के बाद वह कुछ समय के लिए गायब हो जाए।
गाल के अंदर गांठ होने के और क्या कारण हैं?
दांत या गम्स के इन्फेक्शन की सूजन गाल की तरफ फैल सकती है। दांत में दर्द, चबाने पर दर्द, मुंह में खराब स्वाद, पस या बुखार हो सकता है। दांत के इन्फेक्शन का समय पर ट्रीटमेंट जरूरी है, क्योंकि यह उस दांत से आगे भी फैल सकता है।
कुछ गांठें चर्बी, शरीर के हिस्सों को जोड़ने वाले टिशू या दूसरे टिशू की ऐसी बढ़ोतरी होती हैं जो कैंसर नहीं होती। कुछ गांठें लार की ग्रंथियों या खून की नलियों से बनती हैं। ये देखने में एक जैसी लग सकती हैं, इसलिए ट्रीटमेंट तय करने से पहले जांच जरूरी है।
सिस्ट थैली जैसी सूजन होती है, जिसमें तरल या दूसरी सामग्री हो सकती है। कभी-कभी गांठ कैंसर की भी हो सकती है। उंगली से छूकर या इंटरनेट पर फोटो से तुलना करके इन कारणों में भरोसेमंद फर्क नहीं किया जा सकता।
- नरम गांठ होने का मतलब यह नहीं कि वह नुकसानरहित है।
- दर्द वाली गांठ हमेशा इन्फेक्शन नहीं होती।
- बिना दर्द की गांठ भी नई हो, बनी रहे या बदल रही हो, तो जांच जरूरी है।
- जिस गांठ से आसानी से खून आता हो, उसे बार-बार दबाएं या छेड़ें नहीं।
क्या गाल के अंदर गांठ का मतलब मुंह का कैंसर है?
नहीं। गाल की कई गांठों के कारण कैंसर नहीं होते। लेकिन मुंह का कैंसर गांठ, मोटे हुए हिस्से, ठीक न होने वाले अल्सर यानी छाले, या लाल या सफेद धब्बे के रूप में दिख सकता है। शुरुआती बदलावों में दर्द नहीं भी हो सकता है।
तंबाकू से मुंह के कैंसर का खतरा बढ़ता है। इसमें तंबाकू पीना और चबाना, दोनों शामिल हैं। सुपारी बिना तंबाकू के इस्तेमाल करने पर भी खतरा बढ़ाती है। शराब से भी खतरा बढ़ सकता है, खासकर तंबाकू के साथ।
जिन लोगों ने इन चीजों का कभी इस्तेमाल नहीं किया, उन्हें भी मुंह का कैंसर हो सकता है। डॉक्टर जांच में दिखने वाली बातों के साथ आपकी पिछली सेहत और आदतों की जानकारी भी देखते हैं। दर्द न होना या तंबाकू का इस्तेमाल न करना, कैंसर न होने का सबूत नहीं है।
शक वाली गांठ में बायोप्सी की जरूरत हो सकती है। इसमें टिशू का छोटा सैंपल लेकर लैब में जांच की जाती है। बायोप्सी की सलाह का मतलब यह नहीं कि कैंसर पक्का हो गया है। इससे पता लगाया जाता है कि टिशू में बदलाव किस वजह से है।
गाल की गांठ में कब तुरंत जांच करानी चाहिए?
गाल के अंदर नई गांठ हो या कारण पता न हो, तो डेंटिस्ट के पास जाकर जांच कराएं। गांठ बढ़ रही हो, बार-बार लौट रही हो या कम न हो रही हो, तो जल्दी अपॉइंटमेंट लें। जांच कराने के लिए दर्द शुरू होने का इंतजार न करें।
दो हफ्ते में ठीक न होने वाले अल्सर की जांच जरूरी है। दो हफ्ते वाली यह चेतावनी बढ़ती गांठ या दूसरे चिंताजनक लक्षणों में जांच टालने की वजह नहीं है।
- गांठ सख्त हो, एक जगह चिपकी हुई लगे या गर्दन में नई गांठ हो, तो जल्द जांच कराएं।
- गाल, होंठ या जीभ में सुन्नपन, बिना साफ वजह खून आना, या बना रहने वाला लाल या सफेद धब्बा डॉक्टर को बताएं।
- मुंह खोलने या निगलने में परेशानी हो, तो तुरंत जांच जरूरी है, खासकर अगर यह नई हो या बढ़ रही हो।
- दर्द वाली सूजन के साथ बुखार, पस, चेहरे पर सूजन या कुल मिलाकर तबीयत खराब लगे, तो उसी दिन इलाज के लिए जाएं।
- सांस लेने में परेशानी हो, लार भी न निगल पाएं, या चेहरे या गर्दन की सूजन तेजी से फैल रही हो, तो अस्पताल की इमरजेंसी में जाएं।
गाल की गांठ की जांच कैसे होती है?
डेंटिस्ट पूछते हैं कि गांठ कब हुई, क्या उसका आकार बदलता है और क्या खाने या बोलने में परेशानी होती है। वे गाल कटने, दांतों के पिछले ट्रीटमेंट, तंबाकू, सुपारी और सेहत से जुड़ी दूसरी जरूरी बातों के बारे में भी पूछते हैं।
जांच में गांठ को देखा और हल्के हाथ से छुआ जाता है। डॉक्टर आसपास के दांत, गम्स, लार की नलियों के मुंह और पूरे मुंह की जांच करते हैं। वे चेहरे और गर्दन में सूजन या बढ़ी हुई ग्रंथियां भी देख सकते हैं।
हर गांठ में स्कैन या बायोप्सी जरूरी नहीं होती। कौन-सी जांच चाहिए, यह गांठ की जगह, गहराई और चेकअप में मिली जानकारी पर निर्भर करता है। फोटो या वीडियो कंसल्टेशन से आगे की देखभाल तय करने में मदद मिल सकती है, लेकिन यह टिशू को छूकर और पूरे मुंह की जांच करने की जगह नहीं ले सकता।
- दांत से जुड़े इन्फेक्शन का शक हो, तो दांत का एक्स-रे मदद कर सकता है।
- अंदर गहराई में सूजन या लार की ग्रंथि की समस्या हो, तो अल्ट्रासाउंड या दूसरा स्कैन मदद कर सकता है।
- टिशू में बदलाव बना रहे या उसमें शक वाली बातें हों, तो बायोप्सी की सलाह मिल सकती है।
- जरूरत पड़ने पर मुंह की बीमारियों के विशेषज्ञ, मुंह की सर्जरी के विशेषज्ञ या सिर और गर्दन के विशेषज्ञ विभाग में भेजा जा सकता है।
गाल के अंदर गांठ का ट्रीटमेंट कैसे होता है?
ट्रीटमेंट सिर्फ गांठ के आकार से नहीं, उसके कारण से तय होता है। डेंटिस्ट खुरदरे दांत को चिकना या ठीक कर सकते हैं, दांतों पर लगे उपकरण को एडजस्ट कर सकते हैं या गाल काटने की आदत कम करने के तरीके बता सकते हैं। दोबारा चेकअप से पता चलता है कि जगह ठीक हो रही है या नहीं।
रगड़ से बनी गांठ बनी रहे या लार वाली सूजन बार-बार आए, तो छोटी सर्जरी से उसे निकालने या किसी दूसरे सही प्रोसीजर की जरूरत हो सकती है। निकाले गए टिशू को लैब में जांच के लिए भेजा जा सकता है। ट्रीटमेंट शुरू होने से पहले डॉक्टर प्रक्रिया, ठीक होने के समय और फॉलो-अप के बारे में बताते हैं।
दांत से जुड़े इन्फेक्शन में उसके असली कारण का ट्रीटमेंट जरूरी है। जांच के हिसाब से इसमें पस निकालना, दांत बचाने का ट्रीटमेंट या न बच सकने वाले दांत को निकालना शामिल हो सकता है। कुछ समय के लिए राहत मिलना इस बात का सबूत नहीं है कि इन्फेक्शन खत्म हो गया है।
शक वाली गांठ का कारण पक्का करना और समय पर विशेषज्ञ के पास भेजना जरूरी है। अगर फिलहाल निगरानी रखना सही हो, तो डॉक्टर को बताना चाहिए कि दोबारा कब आना है और किन बदलावों पर पहले आना होगा। अगला चेकअप कब होगा, इसे बिना तय किए न छोड़ें।
अपॉइंटमेंट तक गाल की गांठ का ध्यान कैसे रखें?
गांठ को जीभ या उंगली से बार-बार जांचते न रहें। इससे उस जगह रगड़ और जलन बनी रह सकती है। यह समझना भी मुश्किल हो सकता है कि गांठ में बदलाव हो रहा है या नहीं। हल्के हाथ से ब्रश करके मुंह साफ रखें।
चबाते समय गांठ पर रगड़ लगती हो, तो नरम खाना चुनें। बहुत गर्म, मसालेदार या खुरदरा खाना चुभता हो, तो उससे बचें। सूजन को जलाकर हटाने की कोशिश या तेज, नुकसान पहुंचाने वाले घरेलू नुस्खे न लगाएं।
तारीख के साथ ली गई फोटो बदलाव दिखाने में मदद कर सकती है। लेकिन घर पर निगरानी के चक्कर में जांच न टालें। पुरानी डेंटल रिपोर्ट साथ लाएं और पहले भी ऐसा हुआ हो, तो अपॉइंटमेंट पर बताएं।
ओरल मेडिसिन विशेषज्ञ ऐसे डेंटिस्ट होते हैं जिन्हें मुंह की अंदरूनी परत, लार की ग्रंथियों और उनसे जुड़े हिस्सों की समस्याओं की जांच की खास ट्रेनिंग होती है। डॉ. बिपिन आर. उपाध्याय मुंबई के सायन स्थित के. जे. सोमैया सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की स्पेशल डेंटल ओपीडी और अंबरनाथ की रीज़नेबल स्माइल डेंटल क्लिनिक में प्रैक्टिस करते हैं। तुरंत देखभाल की जरूरत वाले संकेत हों, तो दूर जाने के लिए इलाज टालने के बजाय नजदीकी सही चिकित्सा सुविधा पर जाएं।
- गांठ को फोड़ें, काटें या दबाएं नहीं।
- तंबाकू और सुपारी से बचें; छोड़ने में डॉक्टर की मदद लें।
- नुकीले दांत को खुद न घिसें और दांतों पर लगे उपकरण को खुद एडजस्ट न करें।
- सूजन, दर्द, खून आना या निगलने में परेशानी शुरू हो, तो तय अपॉइंटमेंट से पहले ही डॉक्टर को दिखाएं।
Questions people ask
गाल के अंदर बिना दर्द की गांठ है। क्या जांच करानी चाहिए?
हां। दर्द न होने से गांठ का कारण पता नहीं चलता। नई, बनी रहने वाली या बदलती गांठ की डेंटिस्ट के पास जाकर जांच जरूरी है। गांठ सख्त लगे, बढ़े, खून आए या सुन्नपन हो, तो जल्द जांच कराएं।
क्या गाल कटने से बनी गांठ अपने आप ठीक हो सकती है?
गाल कटने के बाद हल्की सूजन चोट ठीक होने के साथ कम हो सकती है। बार-बार गाल कटने से सख्त गांठ बन सकती है जो अपने आप नहीं जाती। गांठ बनी रहे, बढ़े या बार-बार चोट लगे, तो जांच कराएं।
खाते समय गाल की गांठ बड़ी क्यों हो जाती है?
खाते समय लार ज्यादा बनती है। खाने से जुड़ी सूजन लार की नली में रुकावट या सूजन का संकेत हो सकती है, लेकिन कारण पक्का करने के लिए जांच जरूरी है। बुखार, तेज दर्द या चेहरे पर सूजन हो, तो तुरंत देखभाल जरूरी है।
ऊपर के पीछे वाले दांतों के पास छोटा उभार सामान्य है क्या?
दोनों गालों के अंदर, ऊपर के पीछे वाले दांतों के पास छोटे उभार से लार की नली खुलती है। यह सामान्य है। लेकिन उभार नया बड़ा हुआ हो, दर्द हो, खून आए या अलग दिखने लगे, तो इसे सामान्य मानने के बजाय जांच कराएं।
क्या गाल के अंदर की नरम गांठ फोड़ सकते हैं?
नहीं। छेदने से खून आ सकता है, इन्फेक्शन हो सकता है और ज्यादा चोट लग सकती है। असली समस्या बनी रहे, तो यह दोबारा भर सकती है। बार-बार होने वाली नरम गांठ की डेंटिस्ट से जांच कराएं। वे बताएंगे कि निगरानी काफी है या किसी प्रोसीजर की जरूरत है।
क्या गाल की हर गांठ में बायोप्सी जरूरी है?
नहीं। कुछ कारण जांच में ही साफ हो जाते हैं। गांठ बनी रहे, असामान्य दिखे या उसमें चिंताजनक संकेत हों, तो बायोप्सी की सलाह दी जा सकती है। टिशू के सैंपल से कारण पक्का करने में मदद मिलती है। बायोप्सी की सलाह अपने आप में कैंसर होने का मतलब नहीं है।
गाल के अंदर गांठ के लिए किस डॉक्टर को दिखाएं?
शुरुआत में डेंटिस्ट या ओरल मेडिसिन विशेषज्ञ को दिखा सकते हैं। वे मुंह की अंदरूनी परत और आसपास के दांतों की जांच करके जरूरत पर दूसरे विशेषज्ञ के पास भेज सकते हैं। सांस लेने में परेशानी या तेजी से फैलती सूजन में इमरजेंसी देखभाल जरूरी है।
क्या ऑनलाइन कंसल्टेशन से गाल की गांठ का कारण पता चल सकता है?
ऑनलाइन कंसल्टेशन से लक्षणों और कितनी जल्दी जांच चाहिए, इस पर बात हो सकती है। लेकिन इससे गांठ की प्रकृति भरोसेमंद तरीके से तय नहीं की जा सकती, क्योंकि डॉक्टर उसे छू नहीं सकते और आसपास के टिशू की पूरी जांच नहीं कर सकते। आम तौर पर डॉक्टर के पास जाकर जांच करानी पड़ती है।
This page is general information, not a diagnosis. A mouth problem needs to be looked at in person or on video before anyone can tell you what it is.