Oral Health Library · 10 min read · हिन्दी
मुंह और जीभ में जलन क्यों होती है और कब जांच कराएं?
मुंह या जीभ में जलन किसी चीज की रगड़ या चुभन, सूखेपन, इन्फेक्शन या कुछ सेहत की समस्याओं के कारण हो सकती है। कभी-कभी लगातार जलन के बावजूद मुंह सामान्य दिखता है। जलन बार-बार हो या उसकी वजह समझ न आए, तो डेंटिस्ट के पास जाकर जांच कराना जरूरी है। दो हफ्ते से ज्यादा रहने वाला अल्सर यानी छाला, गांठ, सुन्नपन, बिना वजह खून आना या मुंह खोलने या निगलने में परेशानी हो, तो जल्द जांच कराएं।
Written and medically reviewed by
Dr. Bipin R. Upadhyay
BDS · MDS Oral Medicine & Radiology · PhD Scholar · Associate Professor & Head, Department of Dentistry
Last clinically reviewed: 2026-09-26
Key points
- मुंह और जीभ में जलन के कई कारण हो सकते हैं। सिर्फ एहसास से कारण पता नहीं चलता।
- मुंह सामान्य दिखने पर भी डॉक्टर के पास जाकर जांच कराने की जरूरत हो सकती है।
- दूसरे कारणों की जांच के बाद ही बर्निंग माउथ सिंड्रोम पर विचार किया जाता है।
- दो हफ्ते से ज्यादा रहने वाला अल्सर, गांठ, सुन्नपन, बिना वजह खून आना या मुंह खोलने या निगलने में परेशानी को नजरअंदाज न करें।
- बार-बार खुद ट्रीटमेंट करने के बजाय जांच में मिली वजह के हिसाब से देखभाल होनी चाहिए।
मुंह या जीभ में जलन कैसी महसूस होती है?
जलन ऐसी लग सकती है जैसे गरम चाय से मुंह जल गया हो, भले ही कोई गरम चीज मुंह में न गई हो। यह जीभ, होंठ, गम्स यानी मसूड़ों, तालू या गालों के अंदर हो सकती है। कुछ लोगों को एक साथ कई जगह जलन होती है।
जलन हल्की हो सकती है या इतनी तेज कि खाने, बोलने और सोने में परेशानी हो। यह लगातार एक जैसी रह सकती है या दिन में बदल सकती है। कुछ लोगों को झनझनाहट, कड़वा या धातु जैसा स्वाद या मुंह सूखने का एहसास भी होता है।
जलन एक लक्षण है, अपने आप में किसी बीमारी की पहचान नहीं। किसी दर्द वाले हिस्से पर खाना लगने से जलन होना और सामान्य दिखने वाले मुंह में कई जगह जलन होना अलग बातें हैं। दोनों में ध्यान देना जरूरी है, अगर परेशानी बनी रहे या बार-बार लौटे।
- ध्यान दें कि जलन एक जगह है या कई जगहों पर।
- देखें कि क्या यह गरम खाना खाने, दांतों का ट्रीटमेंट कराने या मुंह की सफाई का कोई नया प्रोडक्ट इस्तेमाल करने के बाद शुरू हुई।
- नोट करें कि खाने, पीने या दिन के समय के साथ जलन बदलती है या नहीं।
- स्वाद में बदलाव, सूखापन, दिखने वाले धब्बे या अल्सर के बारे में बताएं।
मुंह और जीभ में जलन के क्या कारण हो सकते हैं?
अलग-अलग समस्याओं से एक जैसी जलन हो सकती है। सिर्फ जलन के एहसास से कारण पता नहीं चलता। जांच से यह समझने में मदद मिलती है कि वजह किसी जगह की रगड़ या चुभन है, मुंह की कोई समस्या है या शरीर की सेहत से जुड़ी कोई परेशानी।
एक से ज्यादा कारण भी साथ हो सकते हैं। जैसे, मुंह सूखने पर डेंचर यानी नकली दांतों के सेट की रगड़ ज्यादा तकलीफ दे सकती है। इससे फंगल इन्फेक्शन यानी फंगस से होने वाले संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है।
- गरमी या खाने से जलन: बहुत गरम ड्रिंक्स, तीखा और खट्टा खाना मुंह की संवेदनशील अंदरूनी परत में जलन कर सकते हैं।
- दांतों से रगड़: दांत का नुकीला किनारा, खुरदरी फिलिंग या क्राउन, या ठीक से फिट न होने वाला डेंचर जीभ या गाल से रगड़ खा सकता है।
- मुंह सूखना: लार कम होने से मुंह की सुरक्षा घटती है। शरीर में पानी की कमी, कुछ चल रहे ट्रीटमेंट और कुछ सेहत की समस्याएं इसकी वजह हो सकती हैं।
- इन्फेक्शन: फंगल इन्फेक्शन से दर्द, लालपन या सफेद धब्बे हो सकते हैं। सिर्फ जलन होने से इन्फेक्शन की पुष्टि नहीं होती।
- सूजन वाली समस्याएं: सूजन में किसी हिस्से में जलन, लालपन या फूलना हो सकता है। मुंह की कुछ समस्याओं में लाल हिस्से, बारीक सफेद लकीरें या दर्द वाले धब्बे बनते हैं।
- जियोग्राफिक टंग: इसमें जीभ पर नक्शे जैसे चिकने, लाल हिस्से बनते हैं, जिनकी जगह समय के साथ बदलती रहती है। कुछ लोगों को कुछ खास चीजें खाने पर जलन होती है।
- पोषक तत्वों की कमी: कुछ लोगों में आयरन या कुछ विटामिन की कमी का योगदान हो सकता है। लेकिन इसे कारण मानने से पहले जांच जरूरी है।
- शरीर की दूसरी समस्याएं: ब्लड शुगर की समस्या, थायरॉइड की समस्या और पेट से एसिड ऊपर आना कभी-कभी इससे जुड़े हो सकते हैं।
- किसी चीज के संपर्क से परेशानी: कभी-कभी दांतों के ट्रीटमेंट में इस्तेमाल हुआ मटेरियल या मुंह की सफाई का प्रोडक्ट जलन कर सकता है। पूरी जानकारी से डॉक्टर तय करते हैं कि आगे जांच की जरूरत है या नहीं।
बर्निंग माउथ सिंड्रोम क्या है?
बर्निंग माउथ सिंड्रोम में मुंह में लगातार या बार-बार जलन होती है, लेकिन ध्यान से जांच करने पर कोई दूसरा कारण नहीं मिलता। मुंह की अंदरूनी परत आमतौर पर सामान्य दिखती है। डॉक्टर बाकी संभावित कारणों की जांच करने के बाद ही इसे बर्निंग माउथ सिंड्रोम मानते हैं।
माना जाता है कि इसमें नसों के दर्द और स्वाद के संकेतों को समझने के तरीके में बदलाव होता है। यह अलग-अलग वयस्कों में हो सकता है। यह मेनोपॉज यानी पीरियड्स हमेशा के लिए बंद होने के आसपास या उसके बाद ज्यादा देखा जाता है। लेकिन सिर्फ उम्र या हार्मोन के बदलाव से इसकी पुष्टि नहीं होती।
कोई घाव न दिखने पर भी दर्द असली होता है। तनाव, घबराहट और खराब नींद से परेशानी बढ़ सकती है। लेकिन लक्षणों को मन का वहम या सिर्फ भावनाओं से जुड़ी समस्या कहकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
सिर्फ सामान्य दिखने वाली जीभ के आधार पर बर्निंग माउथ सिंड्रोम नहीं बताया जा सकता। जलन बनी रहे, तो डॉक्टर के पास जाकर जांच, पूरी सेहत की जानकारी और जरूरत के हिसाब से कुछ टेस्ट जरूरी हैं।
- हर जलती हुई जीभ की समस्या को बर्निंग माउथ सिंड्रोम नहीं कहते।
- जलन के साथ सूखापन या स्वाद में बदलाव भी हो सकता है।
- ऐसा कोई एक सामान्य टेस्ट नहीं है जो हर मामले में इसकी पुष्टि कर दे।
- लक्षणों का पैटर्न और देखभाल से हो रहा असर समझने के लिए फॉलो-अप यानी दोबारा चेकअप की जरूरत पड़ सकती है।
मुंह में जलन के साथ किन संकेतों पर तुरंत ध्यान देना चाहिए?
मुंह में जलन का मतलब ज्यादातर मामलों में कैंसर नहीं होता। लेकिन लगातार जलन के नाम पर अल्सर, गांठ या किसी और बदलाव को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इनमें बार-बार घरेलू उपाय करने के बजाय डॉक्टर के पास जाकर जांच कराना जरूरी है।
नीचे दिए गए संकेतों पर डेंटिस्ट या ओरल मेडिसिन स्पेशलिस्ट, यानी मुंह की बीमारियों के डॉक्टर, से जल्द जांच कराएं। लक्षण पहले से गंभीर हों या बढ़ रहे हों, तो दो हफ्ते इंतजार न करें। दो हफ्ते वाली चेतावनी खास तौर पर उस अल्सर के लिए है जो भर नहीं रहा हो।
सांस लेने में परेशानी, जीभ या गले में तेजी से बढ़ती सूजन, या लार भी न निगल पाने पर इमरजेंसी में जाएं। दर्द इतना तेज हो कि पानी भी न पी सकें, तो भी तुरंत मेडिकल मदद जरूरी है।
- मुंह का अल्सर जो दो हफ्ते बाद भी न भरा हो।
- मुंह या गर्दन में नई गांठ या ऐसी गांठ जो बनी रहे।
- जीभ, होंठ या मुंह के किसी और हिस्से में बिना वजह सुन्नपन।
- बिना वजह खून आना।
- मुंह खोलने में नई परेशानी या पहले से बढ़ती परेशानी।
- निगलने में परेशानी या निगलते समय लगातार दर्द।
- लाल या सफेद धब्बा जो बना रहे, खासकर अगर वह बदल रहा हो या उसमें दर्द होने लगे।
- बिना वजह वजन घटना या एक जगह दर्द लगातार बढ़ना।
तंबाकू, गुटखा और सुपारी की आदत बताना क्यों जरूरी है?
डॉक्टर को स्मोकिंग, चबाने वाले तंबाकू, गुटखा, पान और सुपारी के इस्तेमाल के बारे में बताएं। सुपारी को अरेका नट भी कहते हैं। यह तंबाकू के बिना भी मुंह को नुकसान पहुंचा सकती है। इन बातों से डॉक्टर बिना अंदाजा लगाए, सही तरीके से जांच कर पाते हैं।
सुपारी के इस्तेमाल से ओरल सबम्यूकस फाइब्रोसिस हो सकता है। इस समस्या में मुंह की अंदरूनी परत में सख्त, खिंचाव वाले रेशे बनने लगते हैं। तीखा खाने पर जलन और मुंह कम खुलना इसके संकेत हो सकते हैं। इस समस्या में मुंह के कैंसर का खतरा भी बढ़ता है।
इन चीजों का इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति को जलन, गालों में कसाव या मुंह खोलने में परेशानी हो, तो जल्द डॉक्टर के पास जाकर जांच करानी चाहिए। जलन को चबाने का सामान्य असर समझकर न छोड़ें।
- अभी और पहले इस्तेमाल किए गए सभी प्रोडक्ट बताएं। उन प्रोडक्ट के बारे में भी बताएं जिन्हें तंबाकू-फ्री कहा जाता है।
- मुंह कितना खुलता है, इसमें कोई बदलाव हो तो बताएं।
- तंबाकू और सुपारी छोड़ने के लिए मदद मांगें।
- जलन कम होने पर भी डॉक्टर के बताए फॉलो-अप चेकअप कराते रहें।
मुंह और जीभ की जांच में क्या होता है?
डॉक्टर पूछते हैं कि जलन कब शुरू हुई, कहां होती है और किससे बढ़ती या घटती है। वे दांतों के पुराने ट्रीटमेंट, पूरी सेहत, खाने की आदतों और अभी चल रहे सभी ट्रीटमेंट की जानकारी भी लेते हैं। खुद कुछ बदलने के बजाय सही जानकारी वाली लिस्ट साथ लाएं।
जांच में जीभ, गाल, गम्स, तालू, दांत और डेंचर हो तो उसे भी देखा जाता है। डॉक्टर लार, मुंह कितना खुलता है और गर्दन में गांठ की जांच भी कर सकते हैं। वे रगड़, इन्फेक्शन, अल्सर और मुंह की अंदरूनी परत में बदलाव देखते हैं।
टेस्ट जांच में मिली बातों के हिसाब से होते हैं। सभी को एक जैसे टेस्ट की जरूरत नहीं होती। पोषक तत्वों की कमी या दूसरी सेहत की समस्याओं का शक हो, तो ब्लड टेस्ट सुझाए जा सकते हैं। इन्फेक्शन का शक हो, तो मुंह से लिया गया सैंपल मदद कर सकता है।
बायोप्सी में मुंह की परत का एक छोटा सैंपल लेकर लैब में जांच की जाती है। लंबे समय से बने या शक वाले धब्बे, अल्सर या गांठ में इसकी जरूरत हो सकती है। लेकिन हर जलती हुई जीभ में बायोप्सी नहीं की जाती। बाकी जांच सामान्य हो, तो स्कैन भी आमतौर पर पहला कदम नहीं होता।
- पुरानी रिपोर्ट और हाल में हुए दांतों के ट्रीटमेंट की जानकारी साथ लाएं।
- बताएं कि लक्षण खाने, नींद या रोजमर्रा के कामों पर असर डाल रहे हैं या नहीं।
- आंखों में सूखापन, असामान्य प्यास या सेहत से जुड़ा कोई नया लक्षण हो, तो बताएं।
- आने-जाने वाले धब्बे की फोटो मदद कर सकती है, लेकिन वह सामने से की गई जांच की जगह नहीं ले सकती।
मुंह और जीभ की जलन का ट्रीटमेंट कैसे होता है?
देखभाल सिर्फ ‘जलन’ शब्द के आधार पर नहीं, उसके कारण के हिसाब से होती है। रगड़ करने वाले दांत या डेंचर को ठीक करने की जरूरत हो सकती है। इन्फेक्शन, पोषक तत्व की कमी या सेहत की किसी समस्या की पुष्टि हो, तो उसी के हिसाब से देखभाल की जाती है।
मुंह सूखने पर उसके कारणों की समीक्षा, लार के काम को सहारा देना और दांतों की सुरक्षा देखभाल का हिस्सा हो सकते हैं। अगर कोई चल रहा ट्रीटमेंट इसमें योगदान दे रहा हो, तो डेंटिस्ट उसे लिखने वाले डॉक्टर से बात कर सकते हैं। इस चर्चा के बिना डॉक्टर का बताया ट्रीटमेंट न बदलें।
बर्निंग माउथ सिंड्रोम में समस्या को समझना, दर्द संभालने में मदद, नींद बेहतर करने में सहायता और लगातार दर्द का असर कम करने के तरीके साथ अपनाए जा सकते हैं। काउंसलिंग या मन की सेहत से जुड़ी मदद लक्षणों से निपटने में सहारा दे सकती है। इसका मतलब यह नहीं कि दर्द वहम है।
सुधार कारण के हिसाब से अलग-अलग होता है। कुछ जलन उसकी वजह दूर होने पर कम हो जाती है। नसों से जुड़ी लगातार जलन में लंबे समय तक चेकअप की जरूरत पड़ सकती है। कोई एक तरीका सब पर काम नहीं करता और पूरी या तुरंत राहत का वादा नहीं किया जा सकता।
- मुंह में मिली वजह की पुष्टि करके उसका ट्रीटमेंट।
- सूखापन संभालना और मुंह व दांतों की सुरक्षा।
- शरीर की दूसरी बीमारी जुड़ी हो, तो फिजिशियन यानी सामान्य सेहत के डॉक्टर के साथ मिलकर देखभाल।
- लक्षण बने रहें, तो दर्द के स्पेशलिस्ट से मदद।
- दर्द के साथ यह भी देखना कि खाने, सोने और रोजमर्रा के काम करने में कितना आराम है।
चेकअप का इंतजार करते समय जलन बढ़ने से कैसे बचें?
आराम के कुछ सरल तरीके जलन कम कर सकते हैं, लेकिन उनसे बीमारी की पहचान नहीं होती। लगातार, बार-बार या बिना स्पष्ट वजह की जलन में जांच फिर भी जरूरी है। सिर्फ ऑनलाइन सलाह के आधार पर बार-बार नए प्रोडक्ट न आजमाएं।
बिना स्पष्ट कारण खाने की बहुत सारी चीजें बंद करने की जरूरत नहीं है। उन चीजों पर ध्यान दें जिनसे हर बार परेशानी बढ़ती है और संतुलित खाना खाते रहें। दर्द के कारण खाना या पानी कम हो रहा हो, तो डॉक्टर को बताएं।
- गरम खाना और ड्रिंक्स लेने से पहले उन्हें ठंडा होने दें।
- अगर ज्यादा आराम मिले, तो नरम और कम तीखा खाना चुनें।
- आराम से पी सकें तो पानी के छोटे घूंट लें। अगर पहले से तरल चीजें सीमित लेने को कहा गया है, तो उस सीमा का ध्यान रखें।
- मुंह को हल्के हाथ से साफ करें। दर्द वाली जगह को रगड़ें या खुरचें नहीं।
- तंबाकू, सुपारी और शराब से बचें।
- जीभ पर तेज या गाढ़े घरेलू पदार्थ या नुकसान पहुंचाने वाले नुस्खे न लगाएं।
- बिना जांच पोषक तत्वों की कमी या इन्फेक्शन का ट्रीटमेंट शुरू न करें।
- लक्षणों और उन्हें बढ़ाने वाली संभावित चीजों का छोटा नोट रखें।
मुंह या जीभ में जलन हो तो किस डॉक्टर को दिखाएं?
डेंटिस्ट दांतों और मुंह की अंदरूनी परत से जुड़े आम कारणों की जांच कर सकते हैं। ओरल मेडिसिन स्पेशलिस्ट मुंह की अंदरूनी परत, लार और मुंह या चेहरे के दर्द की समस्याएं देखते हैं। पूरी सेहत से जुड़े कारणों की जांच के लिए फिजिशियन की मदद भी ली जा सकती है।
मुंबई, ठाणे, अंबरनाथ, बदलापुर या उल्हासनगर में रहने वालों के लिए लक्षण बने रहने या खतरे के संकेत दिखने पर पास में डॉक्टर के पास जाकर जांच कराना जरूरी है। टेलीकंसल्टेशन यानी फोन या वीडियो पर सलाह से लक्षणों की जानकारी जुटाने और अगला कदम तय करने में मदद मिल सकती है। लेकिन इससे मुंह की परत का छूने पर एहसास, सख्ती या बारीक बदलाव पूरी तरह नहीं जांचे जा सकते।
डॉ. बिपिन आर. उपाध्याय स्पेशल डेंटल ओपीडी, के.जे. सोमैया सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, सायन, मुंबई और रीजनेबल स्माइल डेंटल क्लिनिक, अंबरनाथ में प्रैक्टिस करते हैं। जांच की व्यवस्था की पुष्टि के लिए क्लिनिक से संपर्क करें।
Questions people ask
जीभ सामान्य दिखती है, फिर भी जलन क्यों होती है?
सूखापन, पोषक तत्वों की समस्या और नसों के दर्द के संकेतों को समझने के तरीके में बदलाव से बिना दिखने वाले घाव के भी जलन हो सकती है। सामान्य दिखने से बर्निंग माउथ सिंड्रोम की पुष्टि नहीं होती। लक्षण बने रहें, तो जांच जरूरी है।
क्या एसिडिटी से मुंह में जलन हो सकती है?
पेट से एसिड ऊपर आने पर कभी-कभी जलन या खट्टा स्वाद हो सकता है। लेकिन सिर्फ मुंह में जलन से इस कारण की पुष्टि नहीं होती। दांतों और सेहत से जुड़े दूसरे कारणों की जांच भी जरूरी हो सकती है।
क्या जीभ में जलन का मतलब विटामिन की कमी है?
जरूरी नहीं। पोषक तत्वों की कमी कई संभावित कारणों में से एक है। कमी मान लेने के बजाय डॉक्टर आपके लक्षणों, खाने और सेहत की पुरानी जानकारी के आधार पर ब्लड टेस्ट सुझा सकते हैं।
क्या मुंह में जलन कैंसर का संकेत है?
सिर्फ जलन से कैंसर की पहचान नहीं होती। दो हफ्ते से ज्यादा रहने वाला अल्सर, गांठ, सुन्नपन, बिना वजह खून आना या मुंह खोलने या निगलने में परेशानी हो, तो जल्द जांच जरूरी है।
क्या तनाव से मुंह में जलन बढ़ सकती है?
तनाव से दर्द ज्यादा महसूस हो सकता है और लक्षणों की परेशानी बढ़ सकती है। लेकिन इसे अकेला कारण नहीं मानना चाहिए। तनाव के समय भी लगातार जलन में डॉक्टर के पास जाकर शारीरिक जांच कराना जरूरी है।
क्या बर्निंग माउथ सिंड्रोम दूसरों को फैलता है?
बर्निंग माउथ सिंड्रोम खुद दूसरों को नहीं फैलता। लेकिन हर तरह की जलन यह सिंड्रोम नहीं होती। इन्फेक्शन या कोई दूसरी समस्या कारण है या नहीं, यह जानने के लिए जांच जरूरी है।
मुंह में जलन हो तो चेकअप से पहले कितना इंतजार करें?
जलन बनी रहे, बार-बार लौटे, उसकी वजह साफ न हो या खाने या नींद पर असर पड़े, तो जांच कराएं। खतरे के संकेतों पर जल्द देखभाल लें। सांस लेने में परेशानी या तेजी से बढ़ती सूजन पर इमरजेंसी में जाएं।
क्या मुंह की जलन पूरी तरह ठीक हो जाएगी?
यह कारण पर निर्भर करता है। रगड़ या चुभन की वजह दूर करने पर जलन कम हो सकती है। बर्निंग माउथ सिंड्रोम में लक्षण घट-बढ़ सकते हैं और लगातार मदद की जरूरत पड़ सकती है। देखभाल का मकसद आराम और रोजमर्रा के काम बेहतर करना है, पूरी तरह ठीक होने का वादा करना नहीं।
This page is general information, not a diagnosis. A mouth problem needs to be looked at in person or on video before anyone can tell you what it is.