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मुंह में छाले क्यों होते हैं?

मुंह में छाले अक्सर गाल कट जाने, नुकीले दांत की रगड़ या मुंह की अंदरूनी परत में बार-बार सूजन होने से होते हैं। कुछ लोगों में तनाव और पोषक तत्वों की कमी भी वजह बन सकती है। कोई छाला दो हफ्ते से ज्यादा रहे, या साथ में गांठ, सुन्नपन या बिना साफ वजह खून आए, तो डॉक्टर के पास जाकर जांच कराना जरूरी है।

Written and medically reviewed by

Dr. Bipin R. Upadhyay

BDS · MDS Oral Medicine & Radiology · PhD Scholar · Associate Professor & Head, Department of Dentistry

Last clinically reviewed: 2026-10-26

Key points

  • मुंह के छाले अक्सर हल्की चोट से होते हैं या बिना किसी एक साफ वजह के बार-बार आते हैं।
  • हर छाले की वजह शरीर की गर्मी, एसिडिटी या पोषक तत्वों की कमी नहीं माननी चाहिए।
  • दो हफ्ते से ज्यादा रहने वाले छाले की डॉक्टर के पास जाकर जांच जरूरी है।
  • गांठ, सुन्नपन, बिना वजह खून आना और मुंह खोलने या निगलने में परेशानी खतरे के संकेत हैं।
  • देखभाल में कारण समझना, आराम से खाना, हल्के हाथ से सफाई और जरूरत के मुताबिक दोबारा चेकअप शामिल हैं।

मुंह का छाला कैसा होता है?

मुंह का छाला, जिसे अल्सर भी कहते हैं, अंदर की पतली परत टूटने से बना घाव है। यह गोल या अंडाकार हो सकता है। बीच का हिस्सा हल्के रंग का और किनारा लाल दिख सकता है। छोटा छाला भी बोलने, खाने या ब्रश करने में दर्द कर सकता है।

छाले होंठ या गाल के अंदर, जीभ के नीचे या मुंह में दूसरी जगह हो सकते हैं। छाला कहां है, कैसा दिखता है और कैसे भरता है, इससे डॉक्टर को कारण समझने में मदद मिलती है। बीच का हिस्सा हल्का दिखने का मतलब यह नहीं कि उसमें पस है।

मुंह में दिखने वाला हर घाव एक जैसा छाला नहीं होता। पानी वाले फफोले, जलने के घाव, सफेद धब्बे और सूजे हुए गम्स यानी मसूड़े, घरवालों को छाले जैसे लग सकते हैं। फोटो से बदलाव रिकॉर्ड किया जा सकता है। लेकिन घाव बना रहे, तो फोटो डॉक्टर के पास जाकर जांच कराने की जगह नहीं ले सकती।

  • ध्यान रखें कि छाला पहली बार कब दिखा था।
  • देखें कि एक छाला है या कई।
  • ध्यान दें कि नया छाला आने से पहले पुराना पूरी तरह ठीक होता है या नहीं।
  • पास में नुकीला दांत, फिलिंग यानी दांत में भरी गई जगह, नकली दांत या ब्रेसेस हों, तो डॉक्टर को बताएं।

मुंह में छाले होने के आम कारण क्या हैं?

हल्की चोट मुंह के छाले की एक आम वजह है। खाना खाते समय मुंह कट जाना, खाने की किसी सख्त चीज का किनारा लगना या टूटे दांत की रगड़ अंदर की परत को नुकसान पहुंचा सकती है। बहुत गर्म खाने या पीने की चीज से भी परत जल सकती है और घाव बन सकता है।

एक आम तरह के छाले बार-बार होने वाले एफ्थस अल्सर कहलाते हैं। इसका मतलब ऐसे दर्द वाले छाले हैं जो ठीक हो जाते हैं, फिर कुछ समय बाद दोबारा आते हैं। इनकी सही वजह हमेशा साफ नहीं होती। ये सिर्फ ठीक से ब्रश न करने के कारण नहीं होते।

कई बार एक वजह के बजाय कई बातें मिलकर छाले पैदा करती हैं। किसी व्यक्ति को छाले होने की संभावना पहले से हो सकती है। तनाव या मुंह में चोट से छाला निकल सकता है। कुछ बार कोई साफ वजह नहीं मिलती।

  • गलती से गाल, होंठ या जीभ दांतों के बीच कट जाना।
  • नुकीले दांत, खुरदरी फिलिंग, ब्रेसेस या ढीले नकली दांत की रगड़।
  • मुंह की अंदरूनी परत में बार-बार जलन और सूजन होना।
  • कुछ लोगों में तनाव या नींद ठीक से न होना।
  • कुछ लोगों में कुछ पोषक तत्वों की कमी।
  • कम मामलों में इन्फेक्शन या कोई दूसरी स्वास्थ्य समस्या।

क्या पेट की गर्मी, एसिडिटी या तीखे खाने से छाले होते हैं?

कई घरों में मुंह के छालों को शरीर की गर्मी या पेट की गर्मी कहा जाता है। यह बोलचाल की बात है, लेकिन इससे बीमारी की पहचान नहीं होती। वजह समझने के लिए छाले और व्यक्ति की सेहत की पुरानी जानकारी देखनी पड़ती है।

तीखा, खट्टा या बहुत गर्म खाना पहले से मौजूद छाले में चुभ सकता है। इससे यह साबित नहीं होता कि छाला उसी खाने से हुआ है। कुछ लोगों को खास खाने के बाद छाले होते दिखते हैं। लेकिन बिना साफ वजह बहुत सारी चीजें बंद करने से संतुलित खाना लेना मुश्किल हो सकता है।

हर छाले की वजह एसिडिटी नहीं होती। कभी-कभी पेट या आंत की समस्याओं के साथ बार-बार छाले हो सकते हैं, खासकर जब दूसरे लक्षण भी हों। लगातार दस्त, पेट दर्द, मल में खून या बिना वजह वजन कम होना डॉक्टर को जरूर बताएं।

  • सारे मसालों को वजह मानने के बजाय उन खाने की चीजों का रिकॉर्ड रखें जिनके बाद बार-बार छाले होते दिखें।
  • जिन चीजों से छाले में दर्द हो, उन्हें कुछ समय के लिए न खाएं।
  • हर छाले को पोषक तत्वों की कमी का संकेत न मानें।
  • लंबे समय तक बने छाले को सिर्फ शरीर की गर्मी कहकर नजरअंदाज न करें।

मुंह में छाले बार-बार क्यों होते हैं?

बार-बार होने वाले छाले अक्सर बचपन या कम उम्र में शुरू होते हैं, हालांकि ये किसी भी उम्र में हो सकते हैं। आम छोटे छाले ज्यादातर एक से दो हफ्ते में भर जाते हैं। बाद में नए छाले आ सकते हैं, कभी मुंह की दूसरी जगह पर।

ठीक एक ही जगह बार-बार छाला होना वहां लगातार रगड़ लगने या दांतों से कटने से जुड़ा हो सकता है। जो घाव कभी पूरी तरह ठीक ही नहीं होता, वह अलग-अलग समय पर आने वाले छालों से अलग है। कौन-सी जांच चाहिए, यह तय करने में यह फर्क जरूरी है।

बहुत बार होने वाले, बड़े या बहुत ज्यादा दर्द वाले छालों में पूरी सेहत की जांच की जरूरत पड़ सकती है। पोषक तत्वों की कमी, पेट या आंत की बीमारी और शरीर को बीमारियों से बचाने वाले इम्यून सिस्टम की समस्याएं कारण हो सकती हैं। कभी-कभी दूसरी बीमारी का चल रहा ट्रीटमेंट भी वजह हो सकता है। उसे लिखने वाले डॉक्टर से बात किए बिना उसमें बदलाव न करें।

  • छाला आने की तारीख, जगह और ठीक होने का छोटा रिकॉर्ड रखें।
  • ध्यान दें कि छालों से खाना, नींद, काम या स्कूल पर असर पड़ता है या नहीं।
  • बुखार, असामान्य थकान, जोड़ों का दर्द, त्वचा में बदलाव या शरीर की दूसरी जगह घाव हों, तो बताएं।
  • छालों का तरीका बदला हो, खासकर अब ज्यादा बार हो रहे हों, तो डॉक्टर को बताएं।

मुंह के छाले के लिए डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए?

छाला दो हफ्ते में ठीक न हो, तो डेंटिस्ट यानी दांत और मुंह के डॉक्टर, या किसी डॉक्टर के पास जाकर जांच कराएं। बिना वजह समझे लंबे समय से बने घाव पर घरेलू नुस्खे आजमाते न रहें। छाला बढ़ रहा हो, एक ही जगह बार-बार आता हो या खाने में परेशानी हो, तो इससे पहले ही अपॉइंटमेंट लें।

ज्यादातर मुंह के छाले कैंसर नहीं होते। लेकिन मुंह का शुरुआती कैंसर कभी-कभी छाले जैसा दिख सकता है। सिर्फ दर्द से दोनों का फर्क पता नहीं चलता। बिना दर्द वाला घाव भी बना रहे, तो उसकी जांच जरूरी है।

तंबाकू या सुपारी लेने वाले लोगों में ध्यान से जांच और भी जरूरी है। सुपारी गुटखा या पान मसाला में भी हो सकती है। मुंह का कैंसर उन लोगों को भी हो सकता है जिन्होंने कभी ये चीजें नहीं ली हैं।

  • दो हफ्ते से ज्यादा समय तक न भरने वाला छाला।
  • मुंह या गर्दन में गांठ, या घाव के नीचे सख्त हिस्सा।
  • जीभ, होंठ, ठुड्डी या मुंह के किसी दूसरे हिस्से में सुन्नपन।
  • बिना साफ वजह खून आना।
  • मुंह खोलने में नई परेशानी या पहले से बढ़ती परेशानी।
  • निगलने में परेशानी या बना रहने वाला लाल या सफेद धब्बा।
  • दर्द के कारण पानी न पी पा रहे हों, या शरीर में पानी की कमी के संकेत हों, जैसे बहुत कम पेशाब, तो तुरंत इलाज के लिए जाएं।
  • सांस लेने में परेशानी, तेजी से बढ़ती सूजन या अपनी लार भी न निगल पाने पर तुरंत इमरजेंसी में जाएं।

मुंह के छाले के चेकअप में क्या होता है?

डॉक्टर पूछते हैं कि छाला कब से है और पहले भी हुआ है या नहीं। वे दांत से लगी चोट, दूसरे लक्षण, तंबाकू या सुपारी की आदत और पहले से मौजूद बीमारियों के बारे में भी पूछते हैं। चल रहे ट्रीटमेंट की लिस्ट साथ लाने से मदद मिल सकती है।

जांच में सिर्फ दर्द वाली जगह नहीं, छाले के साथ पूरा मुंह देखा जाता है। डॉक्टर दांत, नकली दांत, जीभ और गर्दन में सूजन की जांच कर सकते हैं। वे छाले को हल्के से छूकर उसके किनारे और नीचे के हिस्से को भी जांच सकते हैं।

कई सामान्य छालों में टेस्ट की जरूरत नहीं होती। छाले अक्सर हों या शरीर की किसी दूसरी समस्या के संकेत हों, तो ब्लड टेस्ट पर विचार किया जा सकता है। लंबे समय से बने या चिंताजनक दिखने वाले छाले में बायोप्सी की जरूरत हो सकती है। इसमें उस जगह से टिश्यू यानी शरीर के ऊतक का छोटा सैंपल लेकर लैब में जांच करते हैं।

  • पुरानी रिपोर्ट और बदलाव दिखाने वाली फोटो साथ लाएं।
  • बताएं कि दो बार छाले आने के बीच घाव पूरी तरह ठीक होता है या नहीं।
  • वजन में बदलाव, पेट की परेशानी, बुखार या शरीर की दूसरी जगह घाव हों, तो बताएं।
  • बायोप्सी की सलाह का मतलब अपने आप कैंसर नहीं होता। इससे कारण पता करने में मदद मिलती है।

मुंह के छालों का ट्रीटमेंट और देखभाल कैसे होती है?

देखभाल सिर्फ छाला कैसा दिखता है, इस पर नहीं, बल्कि उसकी वजह पर निर्भर करती है। अगर नुकीला दांत या नकली दांत रगड़ रहा है, तो डेंटिस्ट चोट की उस वजह को ठीक कर सकते हैं। इसके बाद भी घाव उम्मीद के मुताबिक न भरे, तो दोबारा चेकअप जरूरी है।

आम तौर पर बार-बार होने वाले छालों में डॉक्टर दर्द और सूजन कम करने के लिए ट्रीटमेंट चुन सकते हैं। टेस्ट में पोषक तत्वों की कमी या दूसरी स्वास्थ्य समस्या मिले, तो उस पर भी ध्यान दिया जाता है। बड़े, बहुत बार होने वाले या लंबे समय तक बने छालों के लिए स्पेशलिस्ट की जांच जरूरी हो सकती है।

रोज की सुरक्षित देखभाल का मकसद खाना और मुंह साफ करना आसान बनाना है। खतरे के संकेत हों, तो इस देखभाल के भरोसे जांच में देरी न करें। तेज जलन पैदा करने वाली घरेलू चीजें या अनजान पाउडर न लगाएं। इनसे मुंह की परत जल सकती है।

  • नरम खाना चुनें जिसे चबाने में आराम हो।
  • बहुत गर्म, सख्त या नुकीले किनारों वाला, तीखा या खट्टा खाना चुभे, तो उससे बचें।
  • पर्याप्त पानी और दूसरी पीने की चीजें लें। पीने में परेशानी हो, तो डॉक्टर को दिखाएं।
  • सॉफ्ट टूथब्रश इस्तेमाल करें और छाले के आसपास हल्के हाथ से सफाई करें।
  • छाले को खुरचें, दबाएं या बार-बार छुएं नहीं।
  • खुद नुकीला दांत घिसने या नकली दांत की फिटिंग बदलने की कोशिश न करें।

क्या मुंह के छाले होने से रोके जा सकते हैं?

हर बार छाले होने से रोकना मुमकिन नहीं है। फिर भी बार-बार लगने वाली चोट कम करने और अपने ट्रिगर, यानी छाले शुरू होने से जुड़ी बातों को पहचानने से मदद मिल सकती है। कोई एक खाना या घरेलू नुस्खा सभी छालों को भरोसेमंद तरीके से नहीं रोकता।

नियमित डेंटल चेकअप से नुकीले किनारे, टूटे दांत और ठीक से फिट न होने वाले नकली दांत पता चल सकते हैं। हल्के हाथ से ब्रश करना और संतुलित खाना मुंह की सेहत के लिए अच्छा है। यह मानना सही नहीं कि हर छाले में सप्लीमेंट की जरूरत होती है। नींद का नियमित समय और तनाव कम करने के आसान तरीके भी कुछ लोगों की मदद कर सकते हैं।

मुंह की पूरी सेहत के लिए तंबाकू और सुपारी से बचें, भले ही आपको इनका छालों से संबंध न दिखे। आसान बदलावों के बाद भी छाले बार-बार हों, तो और पाबंदियां लगाने के बजाय जांच कराएं। मकसद छालों का पैटर्न समझना है, हर बार खुद को दोष देना नहीं।

  • बार-बार रगड़ लगने या दांतों से कटने की जांच कराएं।
  • साफ दिखने वाले ट्रिगर नोट करें। बिना जरूरत किसी पूरे तरह के खाने को बंद न करें।
  • सिर्फ दर्द से अंदाजा न लगाएं। यह भी देखें कि घाव भर रहा है या नहीं।
  • छालों का पैटर्न बदले या वे ज्यादा गंभीर हों, तो दोबारा चेकअप कराएं।

बार-बार होने वाले या न भरने वाले छाले किस डॉक्टर को दिखाएं?

डेंटिस्ट आम छालों की जांच कर सकते हैं और मुंह में चोट की वजह ढूंढ सकते हैं। ओरल मेडिसिन स्पेशलिस्ट मुंह की अंदरूनी परत की बीमारियों और उनसे जुड़े लक्षणों पर ध्यान देते हैं। अगर लक्षण शरीर के किसी दूसरे हिस्से की समस्या की ओर इशारा करें, तो फिजिशियन यानी शरीर की सामान्य बीमारियों के डॉक्टर को भी शामिल किया जा सकता है।

मुंबई और अंबरनाथ के आसपास रहने वाले लोगों के लिए, डॉ. बिपिन आर. उपाध्याय सायन, मुंबई के के.जे. सोमैया सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की स्पेशल डेंटल ओपीडी और अंबरनाथ के रीजनेबल स्माइल डेंटल क्लिनिक में प्रैक्टिस करते हैं। उन्होंने ओरल मेडिसिन एंड रेडियोलॉजी में एमडीएस किया है। यह मुंह की बीमारियों और एक्स-रे जैसी इमेजिंग से जांच का क्षेत्र है।

टेलीकंसल्टेशन, यानी फोन या वीडियो पर सलाह, लक्षण समझने और अगला कदम तय करने में मदद कर सकती है। लेकिन इससे गांठ को छूकर जांचना, लंबे समय से बने छाले को करीब से देखना या टिश्यू का सैंपल लेना मुमकिन नहीं है। खतरे के संकेत हों, तो डॉक्टर के पास जाकर जांच जरूरी है।

  • छाला दो हफ्ते से ज्यादा रहे, तो जांच का अपॉइंटमेंट लें।
  • तेज दर्द, बार-बार छाले या खाने में परेशानी हो, तो पहले ही डॉक्टर को दिखाएं।
  • गांठ, सुन्नपन, बिना वजह खून आना और मुंह खोलने या निगलने में परेशानी जरूर बताएं।

Questions people ask

मुंह में बार-बार छाले क्यों होते हैं?

बार-बार छाले होना मुंह की अंदरूनी परत में सूजन होने की प्रवृत्ति से जुड़ा हो सकता है। चोट, तनाव या पोषक तत्वों की कमी भी योगदान दे सकती है। छाले बहुत बार हों, बहुत बड़े हों या दूसरे लक्षण भी हों, तो एक वजह मान लेने के बजाय जांच कराएं।

आम मुंह का छाला कितने दिन में ठीक होता है?

कई आम छोटे छाले एक से दो हफ्ते में ठीक हो जाते हैं। घाव दो हफ्ते से ज्यादा रहे, तो डॉक्टर के पास जाकर जांच जरूरी है, भले ही दर्द कम हो गया हो। घाव बढ़े या पानी पीने में परेशानी हो, तो पहले ही डॉक्टर को दिखाएं।

क्या हर छाला विटामिन की कमी से होता है?

नहीं। चोट और आम बार-बार होने वाले छाले बिना किसी कमी के भी हो सकते हैं। सेहत की जानकारी या जांच से पोषण की समस्या लगे, तो ब्लड टेस्ट मदद कर सकते हैं। हर किसी को टेस्ट या सप्लीमेंट की जरूरत नहीं होती।

क्या साथ खाना खाने से मुंह के छाले फैलते हैं?

आम बार-बार होने वाले एफ्थस अल्सर, यानी ठीक होकर दोबारा आने वाले छाले, संक्रामक नहीं होते। ये खाना शेयर करने से नहीं फैलते। कुछ इन्फेक्शन से भी मुंह में घाव हो सकते हैं, जो ऐसे ही या अलग दिख सकते हैं। घाव के साथ बुखार, पानी वाले फफोले या त्वचा पर दाने हों, तो जांच की जरूरत हो सकती है।

क्या बच्चों को भी मुंह में छाले हो सकते हैं?

हां। बच्चों को मुंह कट जाने से या बार-बार होने वाले छालों की वजह से यह परेशानी हो सकती है। बुखार, एक साथ कई नए घाव या त्वचा पर दाने दूसरी वजह का संकेत हो सकते हैं। बच्चा पानी या दूसरी पीने की चीजें लेने से मना करे, या बहुत कम पेशाब करे, तो जल्द डॉक्टर को दिखाएं।

क्या मुंह का छाला कैंसर का संकेत है?

ज्यादातर मुंह के छाले कैंसर नहीं होते। लेकिन लंबे समय तक बना छाला कभी-कभी शुरुआती खतरे का संकेत हो सकता है। दो हफ्ते से ज्यादा रहने वाला छाला, गांठ, सुन्नपन, बिना वजह खून आना या मुंह खोलने या निगलने में परेशानी हो, तो जांच जरूरी है।

तीखा खाना खाने पर छाले में दर्द क्यों होता है?

छाले में मुंह की ऊपरी परत हटने से नीचे का संवेदनशील हिस्सा खुल जाता है। तीखा या खट्टा खाना वहां जलन और चुभन कर सकता है। इसका मतलब जरूरी नहीं कि छाला उसी खाने से हुआ हो।

छाले में दर्द नहीं है तो क्या इंतजार कर सकते हैं?

दर्द न होने से यह तय नहीं होता कि घाव नुकसानदेह नहीं है। वह दो हफ्ते से ज्यादा रहे, तो जांच कराएं। घाव बढ़ रहा हो, कोई हिस्सा सख्त हो, बिना वजह खून आए या पास में गांठ हो, तो इससे पहले ही जांच जरूरी है।

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